E-Shradhanjali Web Portal Launched in Haryana Police 2022

Haryana police DGP launched E-Shradhanjali Web Portal : हरियाणा पुलिस के जवानों को याद करने और उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए DGP Haryana Police ने (E-Shradhanjali Web Portal) ई -श्रद्धांजलि वेब पोर्टल को लांच किया है। इस पोर्टल में ड्यूटी के दौरान अपने जीवन का बलिदान देने वाले Employees के बारे में भी बताया गया है।

Haryana DGP launches ‘e-Shraddhanjali’ web portal to remember police personnel

क्या है (E-Shradhanjali Web Portal) ई -श्रद्धांजलि वेब पोर्टल ?

Haryana police: दोस्तों हम सब जानते है कि पुलिस एक सुरक्षा बल होता है जिसका उपयोग किसी भी देश की अन्दरूनी नागरिक सुरक्षा के लिये ठीक उसी तरह से किया जाता है जिस प्रकार किसी Nation की बाहरी अनैतिक गतिविधियों से रक्षा के लिये Military का उपयोग किया जाता है।

भारतीय पुलिस का इतिहास

हिंदू काल में इतिहास में दंडधारी शब्द का उल्लेख आता है। भारतवर्ष में पुलिस शासन के विकासक्रम में उस काल के दंडधारी को वर्तमान काल के पुलिस जन के समकक्ष माना जा सकता है। प्राचीन भारत का स्थानीय शासन मुख्यत: ग्रामीण पंचायतों पर आधारित था। गाँव के न्याय एवं शासन संबंधी कार्य ग्रामिक नामी एक अधिकारी द्वारा संचलित किए जाते थ। इसकी सहायता और निर्देशन ग्राम के वयोवृद्ध करते थे।

यह ग्रामिक राज्य के वेतनभोगी अधिकारी नहीं होते थे वरन् इन्हें ग्राम के व्यक्ति अपने में से चुन लेते थे। ग्रामिकों के ऊपर 5-10 गाँवों की व्यवस्था के लिए “गोप” एवं लगभग एक चौथाई जनपद की व्यवस्था करने के लिए “स्थानिक” नामक अधिकारी होते थे। प्राचीन यूनानी इतिहासवेतताओं ने लिखा है कि इन निर्वाचित ग्रामीण अधिकारियों द्वारा अपराधों की रोकथाम का कार्य सुचारु रूप से होता था और उनके संरक्षण में जनता अपने व्यापार उद्योग-निर्भय होकर करती थी।

सल्तनत और मुगल काल में भी ग्राम पंचायतों और ग्राम के स्थानीय अधिकारियों की परंपरा अक्षुण्ण रही। मुगल काल में ग्राम के मुखिया मालगुजारी एकत्र करने, झगड़ों का निपटारा आदि करने का महत्वपूर्ण कार्य करते थे और निर्माण चौकीदारों की सहायता से ग्राम में शांति की व्यवस्था स्थापित रखे थे। चौकीदार दो श्रेणी में विभक्त थे- (1) उच्च, (2) साधारण। उच्च श्रेणी के चौकीदार अपराध और अपराधियों के संबंध में सूचनाएँ प्राप्त करते थे और ग्राम में व्यवस्था रखने में सहायता देते थे।

उनका यह भी कर्तव्य था कि एक ग्राम से दूसरे ग्राम तक यात्रियों को सुरक्षापूर्वक पहुँचा दें। साधारण कोटि के चौकीदारों द्वारा फसल की रक्षा और उनकी नापजोख का कार्य करता जाता था। गाँव का मुखिया न केवल अपने गाँव में अपराध शासन का कार्य करता था वरन् समीपस्थ ग्रामों के मुखियों को उनके क्षेत्र में भी अपराधों के विरोध में सहायता प्रदान करता था। शासन की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों की देखभाल फौजदार और नागरिक क्षेत्रों की देखभाल कोतवाल के द्वारा की जाती थी।

मुगलों के पतन के उपरांत भी ग्रामीण शासन की परंपरा चलती रही। यह अवश्य हुआ कि शासन की ओर से नियुक्त अधिकारियों की शक्ति क्रमश: लुप्तप्राय होती गई। सन् 1765 में जब अंग्रेजों ने बंगाल की दीवानी हथिया ली तब जनता का दायित्व उनपर आया। वारेन हेस्टिंग्ज़ ने सन् 1781 तक फौजदारों और ग्रामीण पुलिस की सहायता से पुलिस शासन की रूपरेखा बनाने के प्रयोग किए और अंत में उन्हें सफल पाया।

लार्ड कार्नवालिस का यह विश्वास था कि अपराधियों की रोकथाम के निमित्त एक वेतन भोगी एवं स्थायी पुलिस दल की स्थापना आवश्यक है। इसके निमित्त जनपदीय मजिस्ट्रेटों को आदेश दिया गया कि प्रत्येक जनपद को अनेक पुलिसक्षेत्रों में विभक्त किया जाए और प्रत्येक पुलिसक्षेत्र दारोगा नामक अधिकारी के निरीक्षण में सौंपा जाय। इस प्रकार दारोगा का उद्भव हुआ। बाद में ग्रामीण चौकीदारों को भी दारोगा के अधिकार में दे दिया गया।

इस प्रकार मूलत: वर्तमान पुलिस शासन की रूपरेखा का जन्मदाता लार्ड कार्नवालिस था। वर्तमान काल में हमारे देश में अपराधनिरोध संबंधी कार्य की इकाई, जिसका दायित्व पुलिस पर है, थाना अथवा पुलिस स्टेशन है। थाने में नियुक्त अधिकारी एवं कर्मचारियों द्वारा इन दायित्वों का पालन होता है। सन् 1861 के पुलिस ऐक्ट के आधार पर पुलिस शासन प्रत्येक प्रदेश में स्थापित है।

इसके अंतर्गत प्रदेश में महानिरीक्षक की अध्यक्षता में और उपमहानिरीक्षकों के निरीक्षण में जनपदीय पुलिस शासन स्थापित है। प्रत्येक जनपद में सुपरिटेंडेंट पुलिस के संचालन में पुलिस कार्य करती है। सन् 1861 के ऐक्ट के अनुसार जिलाधीश को जनपद के अपराध संबंधी शासन का प्रमुख और उस रूप में जनपदीय पुलिस के कार्यों का निर्देशक माना गया है

What is E-Shradhanjali Web Portal/ Launched in Haryana Police

Haryana Police के महानिदेशक प्रशांत कुमार अग्रवाल ने 17 जून 2022 को हरियाणा पुलिस वेब पोर्टल पर ई-श्रद्धांजलि (E-Shradhanjali Web Portal) सुविधा लांच किया है। यह पोर्टल हरियाणा पुलिस के हरसमय पोर्टल पर ही उपलब्ध होगा। अग्रवाल ने बताया कि इसके जरिए अधिकारी व आम नागरिकों हरियाणा पुलिस के उन जवानों को श्रद्धांजलि दे सकते हैं, जिन्होंने 1 नवंबर 1966 से अभी तक ड्यूटी करते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी है।

डीजीपी ने बताया कि अब तक ड्यूटी का निर्वहन करते हुए हरियाणा पुलिस के 81 जवानों की शहादत हो चुकी है। कई बार व्यक्ति किसी कारन से शहीद के घर भी नहीं जा पाता और वह वह उस जवान के प्रति कृतज्ञता का भाव भी रखता है तो अपने स्थान पर रहकर ही श्रद्धांजलि दे सकता है।

जो लोग उन शहीद जवानों व् उनके परिवारों के प्रति सहानुभूति रखते हैं वे (E-Shradhanjali Web Portal) ई -श्रद्धांजलि वेब पोर्टल के जरिए बलिदान देने वाले जवानों को ऑनलाइन श्रद्धांजलि दे सकते हैं। इस पोर्टल का मुख्य उद्देश्य आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने में जवानों के योगदान को याद करना है.

(E-Shradhanjali Web Portal) ई -श्रद्धांजलि वेब पोर्टल के लांचिंग के दौरान एडीजीपी एएस चावला भी मौजूद रहे, जिनके पास इस पोर्टल के शुभारंभ की निगरानी रहेगी। एडीजीपी एएस चावला ने बताया कि अब हरियाणा के नागरिक देश , प्रदेश या विदेश में बैठकर भी अपनी हरियाणा पुलिस के शहीद हुए बहादुर जवानों को मोबाइल, कंप्यूटर जैसे स्मार्ट डिवाइस का यूज करके एक क्लिक के साथ श्रद्धांजलि दे सकते हैं।


कैसे दे सकते हैं ‘ई-श्रद्धांजलि’
?


अपनी ड्यूटी का कर्तव्यपूर्ण ढंग से निर्वहन करते हुए शहीद हुए हरियाणा पुलिस के जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए आपको हरियाणा पुलिस की वेबसाइट http://www.haryanapolice.gov.in पर जाना होगा। इसके बाद होम पेज पर दिखाई दे रहे (E-Shradhanjali Web Portal) ई -श्रद्धांजलि वेब पोर्टल ‘ई-श्रद्धांजलि’ ऑप्सन को click करना है। इसके बाद आप जवानों को ई-श्रद्धांजलि दी जाने वाले वेब पोर्टल https://haryanapolice.gov.in/Eshradhanjali/Eshradhanjali पहुंच जाएंगे। जहां आप उनकी शहादत को नमन करते हुए उनके लिए गौरवशाली एवं भावपूर्ण शब्दों को लिखकर सन्देश के माध्यम से उन्हें श्रद्धांजलि दे सकते हैं।

‘ई-श्रद्धांजलि’ वेब पोर्टल पर क्या-क्या हैं ऑप्सन


हरियाणा पुलिस के (E-Shradhanjali Web Portal) ई -श्रद्धांजलि वेब पोर्टल पर ड्यूटी के दौरान अपने जीवन का बलिदान देने वाले जवानों के बारे में जानकारी लेने का Option है। इसके लिए आपको Bharat ke Veer option पर जाना है। इसके साथ ही आप E-Shradhanjali ऑप्सन में जाकर Tribute Pay (श्रद्धांजलि के लिए पेमेंट) कर सकते हैं।

अगर देश एवं प्रदेश की जनता के मन में अपने वीर शहीद पुलिस के जवानों के प्रति दिल से श्रद्धा है तो उसको हरियाणा पुलिस के हरसमय पोर्टल पर ई – श्रद्धांजलि E-Shradhanjali Web Portal कॉलम आराम से मिल सकता है।

कोई भी व्यक्ति आगे बढ़ते हुए सभी option एक – एक करके चुन कर अपना श्रद्धांजलि message लिख सकता है. इसमें सबसे पहले शहीद जवानो की लिस्ट दिखाई देगी जिसमे वर्ष 1966 से 1985 , 1986 से 2005 तथा वर्ष 2006 से लेकर आज 2022 तक के जाबांज जवानों की सूचि मिलेगी। इस सूचि में सभी शहीदों के नाम, जन्मतिथि , जन्म स्थान , पता , शहादत की घटना व् दिन समेत पूरा विवरण दिया गया है।

इसके बाद अगला कॉलम E -Shradhanjli का है, जिसमे मैसेज लिखने वाले व्यक्ति को अपना नाम, मोबाइल नंबर भरना होता है. फिर मोबाइल पर ओटीपी जाता है। उस ओटीपी को भरने के बाद व्यक्ति नीचे message box में अपने भावपूर्ण शब्दों से बहादुर जवानो को श्रद्धांजलि दे सकता है.

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What is (E-Shradhanjali Web Portal)/ ई -श्रद्धांजलि वेब पोर्टल क्या है ?

कर्तव्य परायणता के पथ पर आगे बढ़ते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले हरियाणा के तमाम वीर व जांबाज पुलिस शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए हरियाणा पुलिस के उन सभी अधिकारी व जवानों सहित अन्य नागरिको को यह ई -श्रद्धांजलि ऑनलाइन मंच प्रदान किया गया है.

ई -श्रद्धांजलि वेब पोर्टल किस लिए आरम्भ किया है ?

ई -श्रद्धांजलि पोर्टल पर शहीद पुलिस जवानों को श्रद्धांजलि देकर लोग इनके प्रति अपनी कृतज्ञता ज्ञापित कर सकते हैं.

Where established E-Shradhanjali Web Portal ?

This is established on Harsamay Portal of Haryana Police.

हरियाणा हरसमय नागरिक पोर्टल क्या है ? 

हरियाणा पुलिस ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर वर्ष २०२१ में हरसमय नागरिक पोर्टल पंजीकरण / लॉगिन लॉन्च किया था । इस पोर्टल से हरियाणा के लोग अब अपने घर बैठे पुलिस वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट प्राप्त कर सकते हैं।
इसमें चरित्र प्रमाण पत्र, किरायेदार का सत्यापन प्रमाणपत्र और पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट शामिल हैं। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए हरियाणा पुलिस की ओर से यह एक विशेष पहल आरमभ की गई है।

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